टूट गई तंद्रा

टूट गई तंद्रा जो पग थाप से ,
सिद्ध होता है नाता मेरा आपसे |

धड़कने बन्द होकर धड़कने लगीं,
साजना आपके नाम के जाप से |

बर्फ सा था जमा दिल पिघलने लगा,
आपके प्यार के गीतों के ताप से |

डर रही हूँ किसी को भनक न लगे,
इस गज़ल की मेरी यूँ प्रेमालाप से |

मैं किरण हूँ तो सूरज हुए आप ही,
तभी तो मैं खिली आपके धाप से |

4 विचार “टूट गई तंद्रा&rdquo पर;

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