पत्थर का है दिल

पत्थर का है दिल उनका , पिघलाना बहुत मुश्किल |
उनकी खबर कैसे लूँ , वहाँ जाना बहुत मुश्किल |

याद आती हैं जब भी मुझे , उनकी कही बातें |

करवटें मैं बदलती रही , नींद आना बहुत मुश्किल |

कैसा रिश्ता है उनसे मेरा , मुझे खुद भी नहीं है पता |
लेकिन जब न देखूँ उन्हें, मुस्कुराना बहुत मुश्किल |

हर किसी को नहीं मिलता , मन माफिक यहाँ हमसफर |
प्यार करना तो आसान है , प्यार पाना बहुत मुश्किल |

कुछ अरमान दिल के मेरे , दिल में ही दबे रह गये |
अश्क बनकर मगर जब दिखे , तो छुपाना बहुत मुश्किल |

ये तो अच्छा हुआ कि मैंने , रूठ जाना नहीं सीखा |

सीख लेती अगर ये हुनर , मान जाना बहुत मुश्किल |

उगा जैसे ही सूरज सुबह ,खिल गई आसमां में किरण |
ले गई सारे गम रात खुद , लगे आना बहुत मुश्किल ||

2 विचार “पत्थर का है दिल&rdquo पर;

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