आम

खट्टा – मीठा ताजा आम।
सबका जी ललचाता आम ।

हिम सागर बादामी बीजू
केसर, चौसा लंगड़ा आम।

नाम गिनाऊँ कौन – कौन सा ,
करूँ बड़ाई कितना आम।

बनी चटपटी चटनी उसकी ।
जब रहता है कच्चा आम।

बन अचार तैयार हुआ तो ,
मुंह में पानी लाता आम।

फेंट दूध में सेक बना जब ,
सबके मन को भाता आम।

भरा हुआ है खास गुणों से,
फिर भी खुद को कहता आम।

इसीलिए शायद बन बैठा ,
सभी फलों का राजा आम ।

4 विचार “आम&rdquo पर;

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