हिन्दी

1-
उर्दू की बहन संस्कृत सुता शुभ ज्ञान है हिन्दी।
सुसज्जित, सुन्दरम्, सरला, गुणों की खान है हिन्दी,
लिपि है देवनागरी, भरी रस की है गागरी,
स्वतंत्रता की हमारी है कराती भान है हिन्दी।
2
सरगम में सधी सुन्दर सुरीली तान है हिन्दी।
मिला माँ शारदे से ये सुफल वरदान है हिन्दी।
समेटी है सभी भाषा को अर्णव सी स्वयं में ये ,
लगे ग्रहणीय मधु मिश्रण अमिय का पान है हिन्दी।
3
प्रार्थना में सुसज्जित मंगलम् उच्चार है हिन्दी।
वैदिक ग्रन्थ गीता का सरलतम् सार है हिन्दी।
खोले गाँठ मन का प्रज्वलित कर ज्योति अन्तः का,
जोड़ दे जो हृदय को प्यार से वो तार है हिन्दी।
4
हमारी आन, बान, शान, स्वाभिमान है हिन्दी।
गर्वित हिन्द की गाथा, गठित पहचान है हिन्दी।
माता भारती के माथे पे बिदी सजी सुन्दर ,
सरल , साधित, प्रियम्, सुन्दर, सुवर्णित गान है हिन्दी।
5
सभी नदियों के नीर से भरी गागर सी है हिन्दी।
समाहित कर कई भाषा लगे सागर सी है हिंदी।
लचीली है सुरीली है सुन्दरी है सरस प्यारी,
ठुमकती छन्द गीतों में नटी नागर सी है हिन्दी।।
6
पढ़े हिन्दी लिखें हिन्दी करें हम हिन्दी में ही बात ।
हरेक भाषा का हो सम्मान पर हो हिन्दी ही विख्यात।
समूचे विश्व में फहरे पताका हिन्द हिन्दी का ,
उगे हिन्दी का ही सूरज , खिले हिन्दी चन्द्र ही रात।।

बारिश की बूँदें

बारिश की बूंदों ने फिर से, जगा दिया अरमां दिल के।
कर लूँ मैं कुछ बातें मन की, चुपके से उनसे मिल के।
भीग गया सारा जग लेकिन, सूखा सा है मेरा मन।
मुश्किल लगता है अब रहना, अधरों को अपने सिल के।।